IJ
IJCRM
International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2025;4(4):705-707

प्राचीन भारत में महिलाओं की स्थिति

Author Name: मिनाक्षी देवी;   डॉ. नहीद अहमद;  

1. पी.एच.डी. रिसर्च स्कॉलर, मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग, आई.ई.सी. विश्वविद्यालय, बद्दी, सोलन, हिमाचल प्रदेश, भारत

2. असिस्टेंट प्रोफेसर, मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग, आई.ई.सी. विश्वविद्यालय, बद्दी, सोलन, हिमाचल प्रदेश, भारत

Paper Type: review paper
Article Information
Paper Received on: 2025-07-15
Paper Accepted on: 2025-08-28
Paper Published on: 2025-08-30
Abstract:

यत्रनार्यस्ते पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता

अर्थात जहाँ नारी की पूजा होती है वहाँ देवता भी निवास करते हैं यह श्लोक केवलनारी जाति की प्रशंसा करने के लिए नहीं है बल्कि ये एक कठोर सत्य है जिसे महिलाओं के अपमान करने वालों को ध्यान में रखना चाहिए और जो मात्र शक्ति का आदर करते हैं उनके लिए ये शब्द अमृत समान है। प्रकृति का ये नियम पूरी सृष्टि में , हर एक समाज, एक परिवार, देश और मनुष्य जाति पर लागू होता है।

किसी भी काल, देश, समाज के निर्माण में नारी का महत्वपूर्ण योगदान होता है। भारतीय समाज में महिलाओं का दर्जा देवी स्वरूप हुआ है, अपितु वर्तमान में महिलाओं की स्थिति देखने के बाद यह प्रश्न उठता है कि प्राचीन काल में महिलाओं की स्थिति क्या रही होगी, उसी के संदर्भ में समझने की कोशिश कर रहे हैं।

Keywords:

प्राचीन भारतीय समाज, महिला अधिकार, लैंगिक भूमिकाएँ, धर्मग्रंथ और नारी, सामाजिक स्थिति

How to Cite this Article:

मिनाक्षी देवी,डॉ. नहीद अहमद. प्राचीन भारत में महिलाओं की स्थिति. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2025: 4(4):705-707


Download PDF