International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(1):714-718
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रयोग के प्रति विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के सामाजिक दृष्टिकोण का तुलनात्मक अध्ययन
Author Name: ममता रानी; डॉ. सारिका गोयल;
Paper Type: research paper
Article Information
Abstract:
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक ही घर में तीन लोग, तीन सोच — बेटा कहता है — "ChatGPT से होमवर्क बन गया", पिता कहता है — "AI से बच्चा बिगड़ जायेगा, नकल करेगा", और शिक्षक कहता है — "AI से पढ़ाना आसान, पर बच्चा सोचना भूल जायेगा।" यही आज के मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली के हर घर की कहानी है।
प्रस्तुत शोध का उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के AI के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण का तुलनात्मक अध्ययन करना है। AI से आशय — ChatGPT, Gemini, YouTube AI, Canva AI, PhotoMath, Grammarly जैसे उपकरण। सामाजिक दृष्टिकोण से आशय — समाज AI को अवसर मानता है या खतरा?
न्यादर्श — 600 (200 विद्यार्थी कक्षा 11-12, 200 अभिभावक, 200 शिक्षक — माध्यमिक + इंटर, सरकारी + प्राइवेट, मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली)। उपकरण: (1) डॉ. आर.के. सिंह AI सामाजिक दृष्टिकोण मापनी (2025, 40 पद — 4 आयाम — लाभ, हानि, नैतिकता, भविष्य), (2) साक्षात्कार अनुसूची — "AI से बच्चा बिगड़ेगा या बनेगा?"
मुख्य निष्कर्ष:
(अ) विद्यार्थियों का दृष्टिकोण सबसे अधिक सकारात्मक (M=132.4/200), अभिभावकों का सबसे अधिक नकारात्मक (M=98.6), शिक्षक बीच में (M=115.2)।
(ब) ग्रामीण अभिभावकों में AI को लेकर डर 62% अधिक — "AI से नौकरी चली जायेगी।"
(स) विद्यार्थी AI को 78% लाभकारी मानते हैं — होमवर्क, प्रोजेक्ट, अंग्रेजी सुधार, पर 64% नकल भी स्वीकारते हैं।
(द) शिक्षक दो भागों में बँटे — 55% प्रगतिशील शिक्षक कहते हैं — "AI से पढ़ाना आसान", 45% रूढ़िवादी कहते हैं — "AI से बच्चा गधा बनेगा।"
(य) आय का प्रभाव — उच्च आय वर्ग के विद्यार्थी AI को अवसर (85%), निम्न आय को खतरा (58% के पास फोन ही नहीं)।
Keywords:
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सामाजिक दृष्टिकोण, विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक, डिजिटल विभाजन।
How to Cite this Article:
ममता रानी,डॉ. सारिका गोयल. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रयोग के प्रति विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के सामाजिक दृष्टिकोण का तुलनात्मक अध्ययन. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2026: 5(1):714-718
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