International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(3):761-763
क्षेत्रीय गढ़ से राष्ट्रीय नैरेटिव तक: हरियाणा में आई.एन.सी. और बी.जे.पी. की चुनावी रणनीतियों का अध्ययन
Author Name: रमेश कुमार; डॉ० सुधीर कुमार;
Paper Type: research paper
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Abstract:
हरियाणा की चुनावी राजनीति पारंपरिक रूप से क्षेत्रीय पहचान, जातिगत लामबंदी और स्थानीय 'लालों' (देवीलाल, बंसीलाल, भजनलाल) के इर्द-गिर्द घूमती रही है। हालांकि, 2004 से वर्तमान समय के बीच राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक गहरा संरचनात्मक बदलाव आया है। यह शोध पत्र 2004 से वर्तमान तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की चुनावी रणनीतियों का एक तुलनात्मक और विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। जहाँ कांग्रेस ने 'जाट बहुल' और 'क्षेत्रीय विकास' के पारंपरिक गढ़ मॉडल पर भरोसा किया, वहीं भाजपा ने 'गैर-जाट ध्रुवीकरण', 'राष्ट्रीय राष्ट्रवाद' और 'अंत्योदय' के माध्यम से एक नया नैरेटिव स्थापित किया। यह शोध secondary data, चुनावी आंकड़ों और राजनीतिक व्यवहार के विश्लेषण के माध्यम से यह समझने का प्रयास करता है कि कैसे हरियाणा की राजनीति 'क्षेत्रीय गढ़ों' से निकलकर 'राष्ट्रीय विमर्श' (National Narrative) का हिस्सा बन गई।
Keywords:
हरियाणा राजनीति, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, चुनावी रणनीति, सोशल इंजीनियरिंग, राष्ट्रीय नैरेटिव।
How to Cite this Article:
रमेश कुमार,डॉ० सुधीर कुमार. क्षेत्रीय गढ़ से राष्ट्रीय नैरेटिव तक: हरियाणा में आई.एन.सी. और बी.जे.पी. की चुनावी रणनीतियों का अध्ययन. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2026: 5(3):761-763
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