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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2023;2(3):87-91

इलाचंद्र जोशी के मनोवैज्ञानिक उपन्यास और भारतीय चिंतन

Author Name: डॉ. विजय शर्मा;  

1. डॉ. विजय शर्मा

Paper Type: review paper
Article Information
Paper Received on: 2023-05-07
Paper Accepted on: 2023-06-28
Paper Published on: 2023-06-30
Abstract:

प्रस्तुत शोध पत्र हिंदी के प्रमुख मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार इलाचंद जोशी (1903–1982) के कथा-साहित्य का विश्लेषण करता है। जोशी ने फ्रायडीय मनोविश्लेषण — अचेतन, दमन, मनोग्रंथियाँ — को भारतीय वेदांत, सांख्य, और बौद्ध दर्शन की अवधारणाओं के साथ संश्लेषित कर हिंदी उपन्यास को एक नई गहराई प्रदान की। इस शोध में उनके पाँच प्रमुख उपन्यासों — संन्यासी, पर्दे की रानी, निर्वासित, घृणामयी और ऋतुचक्र — का मनोवैज्ञानिक एवं दार्शनिक दृष्टि से विश्लेषण किया गया है। यह भी परीक्षित किया गया है कि जोशी किस प्रकार प्रेमचंद की सामाजिक-यथार्थवादी परंपरा से भिन्न, व्यक्ति के अंतर्मन को केंद्र में रखते हैं। शोध यह स्थापित करता है कि जोशी का साहित्य पश्चिमी और पूर्वी मनोदर्शन का अनूठा संगम है, तथा आधुनिक मानसिक स्वास्थ्य विमर्श के परिप्रेक्ष्य में भी उनकी प्रासंगिकता अक्षुण्ण है।

Keywords:

मनोवैज्ञानिक, उपन्यास, इलाचंद जोशी, फ्रायडीय मनोविश्लेषण, अचेतन मन।

How to Cite this Article:

डॉ. विजय शर्मा. इलाचंद्र जोशी के मनोवैज्ञानिक उपन्यास और भारतीय चिंतन. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2023: 2(3):87-91


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