International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(2):696-701
शहडोल ज़िले की जनजातीय अर्थव्यवस्था: चुनौतियाँ एवं संभावनाएँ
Author Name: अजय सिंह पटेल; डॉ० संतोष पुरी;
Paper Type: research paper
Article Information
Abstract:
मध्य प्रदेश का शहडोल ज़िला जनजातीय बहुल क्षेत्र है, जहाँ गोंड, बैगा, कोल तथा अन्य जनजातीय समुदाय बड़ी संख्या में निवास करते हैं। जनजातियाँ विषम धरातलीय पहाड़ी, पठारी भागों में रहती हैं। विषम धरातल में अधिकांशतः वन क्षेत्र का विस्तार अधिक होता है। यहाँ नदियों के पास की भूमि की मिट्टी की गहराई अपेक्षाकृत अधिक है, जिसमें कृषि की संभावना है। जनजातीय संस्कृति सरल है जिसमें तकनीक का कम से कम उपयोग है अतः इनकी अर्थव्यवस्था जीविकोपार्जन तक सीमित है। इस सरल तकनीक और स्थानीय संसाधनों की अन्योन्य क्रिया से उत्पन्न जनजातीय अर्थव्यवस्था में मुख्यतः कृषि, वनोपज संग्रह, पशुपालन और पारंपरिक श्रम है। इस शोध-पत्र मे शहडोल ज़िले की जनजातीय अर्थव्यवस्था की संरचना, प्रमुख चुनौतियों तथा विकास की संभावनाओं का विश्लेषण है और स्थानीय स्तर पर समावेशी विकास के लिए सुझाव प्रस्तुत करता है।
Keywords:
जनजातीय अर्थव्यवस्था, शहडोल जिला, आदिवासी समुदाय, आर्थिक चुनौतियाँ, विकास की संभावनाएँ
How to Cite this Article:
अजय सिंह पटेल,डॉ० संतोष पुरी. शहडोल ज़िले की जनजातीय अर्थव्यवस्था: चुनौतियाँ एवं संभावनाएँ. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2026: 5(2):696-701
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