International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2025;4(4):702-704
भारतीय कृषि का बदलता स्वरूप एक चिंताजनक विषय
Author Name: शमशेर सिंह; डॉ. मोहम्मद इरफान;
Abstract
कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीड़ की हडडी मानी जाती है पुरातन काल से केवल कृषि ही एकमात्र साधन था जिससे कि मनुष्य की आजीविका चलती थी भारतीय कृषि वह है । जिसमें फसल उत्पादन और पशुपालन सहित प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके विभिन्न प्रकार के पौधेा और जीवों की खेती की जाती है जिससे कि मानवीय जरूरतों को पूरा किया जा सके यह एक प्राथमिक कार्य है जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था और 58 प्रतिशत अधिक आबादी की आजीविका के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जिसमें चावल गेहूं दालों कपास चाय और अन्य फसलें उगाई जाती है कृषि के साथ साथ पशुपालन भी भारतीय कृषि का एक अभिन्न अंग है, जिसमें
कि पशुओं से संबधित कार्य जैसे मतस्य पालन और मुर्गी पालन शामिल है।
Keywords
भारतीय कृषि विकास, जैविक खेती एवं पोषक तत्व, रासायनिक उर्वरक और पर्यावरण, कृषि चुनौतियाँ और समाधान, सतत कृषि एवं खाद्य सुरक्षा.