International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(4):1030-1033
सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय लोकसंगीत का प्रचार-प्रसार
Author Name: विभा सिंह;
Abstract
भारतीय लोकसंगीत देश की सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक परंपराओं और सामूहिक जीवन का महत्त्वपूर्ण अंग है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित लोकगीत वहाँ की भाषा, रीति-रिवाजों, त्योहारों, ऋतुओं, धार्मिक मान्यताओं तथा लोकजीवन की अनुभूतियों को अभिव्यक्त करते हैं। आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों के विकास ने लोकसंगीत के प्रचार-प्रसार के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। YouTube, Facebook, Instagram तथा अन्य डिजिटल मंचों के माध्यम से लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों को व्यापक श्रोतावर्ग तक पहुँचा सकते हैं। इन माध्यमों से पारंपरिक गीतों का ध्वनि एवं दृश्य रूप में अभिलेखीकरण भी संभव हुआ है। दूसरी ओर, लोकप्रियता की प्रतिस्पर्धा, लोकगीतों के मूल स्वरूप में परिवर्तन, कलाकारों को उचित श्रेय न मिलना तथा पारंपरिक संदर्भों की उपेक्षा जैसी चुनौतियाँ भी सामने आती हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र में सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय लोकसंगीत के प्रचार-प्रसार की संभावनाओं, चुनौतियों और संरक्षण के उपायों का विवेचन किया गया है।
Keywords
भारतीय लोकसंगीत, सोशल मीडिया, लोकगीत, डिजिटल माध्यम, सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाकार।