IJ
IJCRM
International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2025;4(4):807-813

पारंपरिक बनाम आधुनिक आहार: सहरिया जनजाति में पोषणीय संक्रमण और स्वास्थ्य प्रभाव

Author Name: महेश कुमार गुर्जर;  

1. शोधार्थी, शोध केन्द्र, डॉ. बी आर अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय, बिलाड़ा, जोधपुर, राजस्थान, भारत

Abstract

यह शोध लेख राजस्थान के बारां जिले के शाहबाद एवं किशनगंज ब्लॉकों में निवास करने वाले सहरिया जनजाति के भीतर हो रहे पोषण संबंधी संक्रमण का अध्ययन करता है। इसमें पारंपरिक आहार से आधुनिक खाद्य उपभोग के स्वरूपों की ओर हो रहे बदलाव तथा उनसे जुड़े स्वास्थ्य प्रभावों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। परंपरागत रूप से सहरिया जनजाति स्थानीय स्तर पर उपलब्ध, मौसमी तथा प्राकृतिक पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों, जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स), जंगली हरी पत्तेदार सब्जियाँ, दलहन तथा वन उपज पर निर्भर रहा है। किंतु बाजार आधारित अर्थव्यवस्था के बढ़ते प्रभाव, बदलती सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों तथा जीवनशैली में आए परिवर्तनों के कारण उनके आहार में प्रसंस्कृत, अधिक कैलोरीयुक्त तथा कम पोषक तत्वों वाले खाद्य पदार्थ शामिल हो गए हैं। इस परिवर्तन ने जनजाति में कुपोषण, मोटापा तथा मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसे गैर-संचारी रोगों जैसी उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों को बढ़ावा दिया है।घरेलू सर्वेक्षण, आहार स्मरण (डाइटरी रिकॉल) तथा स्वास्थ्य आकलन को सम्मिलित करने वाली मिश्रित-पद्धति (मिक्स्ड-मेथड्स) अनुसंधान दृष्टिकोण के माध्यम से यह अध्ययन सांस्कृतिक खाद्य परंपराओं, आर्थिक सीमाओं और स्वास्थ्य परिणामों के बीच विद्यमान जटिल अंतर्संबंधों को रेखांकित करता है। अध्ययन के निष्कर्ष इस आवश्यकता पर बल देते हैं कि सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील पोषण संबंधी हस्तक्षेप विकसित किए जाएँ, जो आहार विविधता को बढ़ावा दें, पारंपरिक खाद्य ज्ञान का संरक्षण करें तथा कुपोषण और जीवनशैली से संबंधित रोगों के बढ़ते दोहरे बोझ का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करें। यह अध्ययन तीव्र सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन से गुजर रही ग्रामीण जनजातीय आबादी के संदर्भ में खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा स्वदेशी पोषण से संबंधित व्यापक विमर्श में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करता है।

Keywords

सहरिया जनजाति, पारंपरिक आहार, आधुनिक आहार, आहार विविधता, स्वास्थ्य प्रभाव, पोषण संबंधी संक्रमण कुपोषण, गैर-संचारी रोग