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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(5):146-152

शहरी रोजगार योजनाओं के प्रभाव का जयपुर जिले के संदर्भ में अध्ययन

Author Name: तब्बसुम आरा;   डॉ. राम भावत सिंह;  

1. शोधार्थी, ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय, जयपुर, राजस्थान, भारत

2. शोध पर्यवेक्षक, ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय, जयपुर, राजस्थान, भारत

Abstract

भारत में तीव्र नगरीकरण, जनसंख्या वृद्धि तथा ग्रामीण-शहरी पलायन के परिणामस्वरूप शहरी क्षेत्रों में रोजगार की समस्या निरंतर गंभीर होती जा रही है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, प्रवासी श्रमिक, महिलाएँ तथा युवा बेरोजगारी और अल्परोजगार जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार द्वारा विभिन्न शहरी रोजगार योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। राजस्थान में मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना तथा दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) जैसी योजनाएँ शहरी गरीब परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने, कौशल विकास को प्रोत्साहित करने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य जयपुर जिले में संचालित शहरी रोजगार योजनाओं के सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों का विश्लेषण करना है। अध्ययन में यह जानने का प्रयास किया गया है कि इन योजनाओं ने लाभार्थियों के रोजगार, आय, जीवन स्तर, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा पर किस प्रकार प्रभाव डाला है। शोध में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक शोध पद्धति का उपयोग किया गया है। प्राथमिक तथ्यों के संकलन हेतु प्रश्नावली का उपयोग तथा द्वितीयक तथ्यों के लिए सरकारी प्रतिवेदन, शोध-पत्र, पुस्तकों एवं आधिकारिक प्रकाशनों का अध्ययन किया गया है। प्राप्त आँकड़ों का विश्लेषण SPSS सॉफ़्टवेयर के माध्यम से प्रतिशत, माध्य, मानक विचलन, टी-परीक्षण, काई-वर्ग परीक्षण एवं सहसंबंध जैसे सांख्यिकीय उपकरणों द्वारा किया जाएगा।

Keywords

शहरी रोजगार योजना, जयपुर जिला, मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना, DAY-NULM, रोजगार, शहरी गरीबी, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास।