International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(4):943-951
सीमांत एवं लघु कृषक परिवार में महिलाओं की स्थिति: मुजफ्फरपुर जिला के सरैया प्रखण्ड के विशेष संदर्भ में
Author Name: डॉ. भगवान राय;
Abstract
यह शोध-पत्र मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखण्ड में सीमांत एवं लघु कृषक परिवारों से जुड़े सामाजिक-आर्थिक संदर्भ में महिलाओं की स्थिति का अध्ययन करता है। विश्लेषण का आधार भारत की जनगणना 2011 के जनसांख्यिकीय एवं कार्यबल आँकड़े, केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा प्रकाशित कृषि-परिवेश संबंधी सूचनाएँ तथा जीविका के महिला स्वयं सहायता समूह कार्यक्रम से उपलब्ध संस्थागत प्रमाण हैं। वर्णनात्मक और तुलनात्मक विधि के माध्यम से साक्षरता, कार्य भागीदारी, मुख्य एवं सीमांत कार्य-अवधि, कृषक और कृषि श्रमिक की व्यावसायिक स्थिति, कृषि पर निर्भरता तथा सामूहिक आजीविका अवसरों का अध्ययन किया गया। परिणाम बताते हैं कि महिला साक्षरता दर 55.03 प्रतिशत और महिला कार्य भागीदारी दर 15.21 प्रतिशत है, जो पुरुषों की तुलना में क्रमशः 18.78 और 32.19 प्रतिशत अंक कम है। कुल 23,961 महिला कामगारों में 62.79 प्रतिशत सीमांत कामगार हैं। महिला कृषि कामगारों की संख्या 17,313 है, जिनमें 78.12 प्रतिशत कृषि श्रमिक और 21.88 प्रतिशत कृषक हैं। इससे महिला श्रम की कृषि पर उच्च निर्भरता तथा अपेक्षाकृत अस्थिर और मजदूरी-आधारित कार्य स्थिति सामने आती है। अध्ययन यह भी स्पष्ट करता है कि जनगणना का सीमांत कामगार जोत-आकार आधारित सीमांत कृषक नहीं है। महिला-विशिष्ट जोत आकार, भूमि स्वामित्व और पारिवारिक निर्णय से संबंधित स्थानीय सूक्ष्म आँकड़ों की अनुपलब्धता प्रमुख सीमा है। नीतिगत रूप से भूमि-अधिकार अभिलेखन, साक्षरता, कौशल, कृषि प्रसार, ऋण, स्वयं सहायता समूह संबंध और महिला की निर्णय-क्षमता को साथ लेकर चलना आवश्यक है।
Keywords
महिला कृषक, सीमांत एवं लघु कृषक, कृषि श्रम, महिला सशक्तिकरण, सरैया, मुजफ्फरपुर, जीविका।