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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(4):666-671

हड़प्पा कालीन स्वच्छता और ड्रेनेज (नाली) व्यवस्था: जनस्वास्थ्य और शहरी विकास का दृष्टिकोण

Author Name: राहुल कुमार;  

1. सहायक आचार्य, इतिहास, राजकीय महाविधालय मासलपुर, करौली राजस्थान,भारत

Abstract

सिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2600 ई.पूर्व – 1900 ई.पूर्व), जिसे हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है, अपनी कांस्य-युगीन समकालीन सभ्यताओं—जैसे मेसोपोटामिया और प्राचीन मिस्र—की तुलना में अपने अद्वितीय नगर नियोजन और उन्नत नागरिक बुनियादी ढांचे के लिए प्रसिद्ध है। इस शोध पत्र का मुख्य उद्देश्य हड़प्पाकालीन स्वच्छता और जल-निकासी (ड्रेनेज) प्रणाली का विस्तृत विश्लेषण करना तथा यह प्रदर्शित करना है कि यह व्यवस्था केवल एक जल-इंजीनियरिंग उपलब्धि नहीं थी, बल्कि जनस्वास्थ्य और शहरी विकास के प्रति एक सुदृढ़ संस्थागत दृष्टिकोण का प्रतीक थी। यह पत्र मोहनजोदड़ो, हड़प्पा, धौलावीरा, लोथल, और कालीबंगन जैसे प्रमुख स्थलों से प्राप्त पुरातात्विक साक्ष्यों का परीक्षण करता है। इसमें नालियों के निर्माण तकनीकों, सोकपिट (शोषक गड्डों), सेप्टिक टैंकों, सार्वजनिक एवं निजी स्नानघरों, और जल संरक्षण संरचनाओं का तकनीकी और सामाजिक-आर्थिक विश्लेषण शामिल है। अध्ययन यह निष्कर्ष निकालता है कि हड़प्पा वासियों ने रोग-निवारण, पर्यावरण-संतुलन, और नागरिक प्रशासन के जिन मानकों को 4500 वर्ष पूर्व स्थापित किया था, वे आधुनिक सतत शहरी विकास के लिए आज भी प्रासंगिक हैं।

Keywords

हड़प्पा सभ्यता, नगर नियोजन, ड्रेनेज व्यवस्था, जनस्वास्थ्य, हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग, मोहनजोदड़ो, धौलावीरा, प्राचीन स्वच्छता।