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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(4):540-542

आई टू यू टू (I2U2) और पश्चिम एशिया की उभरती भू-राजनीतिक व्यवस्था: भारत – इज़राइल रणनीतिक साझेदारी के अवसर एवं चुनौतियाँ

Author Name: भागीरथ रेगर;  

1. शोधार्थी, राजनीति विज्ञान विभाग, ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय, जयपुर, राजस्थान, भारत

Abstract

इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में पश्चिम एशिया की भू-राजनीति तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। परंपरागत अरब–इज़राइल संघर्ष, ऊर्जा राजनीति और महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा से परिभाषित इस क्षेत्र में अब आर्थिक संपर्क, प्रौद्योगिकी, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, नवाचार और लघुपक्षीय सहयोग भी क्षेत्रीय व्यवस्था के महत्त्वपूर्ण निर्धारक बन रहे हैं। इसी बदलते परिदृश्य में भारत, इज़राइल, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका के सहयोग मंच I2U2 का उदय हुआ। यह शोध-पत्र I2U2 के उद्भव, उद्देश्यों तथा भू-राजनीतिक और भू-अर्थशास्त्रीय महत्त्व का विश्लेषण करते हुए विशेष रूप से भारत–इज़राइल रणनीतिक साझेदारी की भूमिका का अध्ययन करता है। शोध का केंद्रीय तर्क है कि I2U2 भारत की बहु-संरेखण और रणनीतिक स्वायत्तता आधारित विदेश नीति का महत्त्वपूर्ण प्रयोग है। साथ ही इज़राइल–फिलिस्तीन संघर्ष, क्षेत्रीय अस्थिरता, ईरान से भारत के संबंध, सदस्य देशों की भिन्न प्राथमिकताएँ तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की चुनौतियाँ इसकी संभावनाओं को प्रभावित करती हैं।

Keywords

I2U2, भारत–इज़राइल संबंध, पश्चिम एशिया, भू-राजनीति, भू-अर्थशास्त्र, रणनीतिक साझेदारी, लघुपक्षवाद, बहु-संरेखण, रणनीतिक स्वायत्तता, खाद्य सुरक्षा।