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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(3):1093-1096

भारतीय कानूनी ढाँचे में पंचायत-आधारित विवाद समाधान का समावेश भारतीय ज्ञान प्रणाली और वैकल्पिक विवाद समाधान का अध्ययन

Author Name: अनिल प्रजापति;   श्री शशिकांत दुबे;  

1. ए. के. एस. विश्व विद्यालय, विधि संकाय, सतना, मध्य प्रदेश, भारत

2. सहायक प्रोफेसर, विधि संकाय, ए. के. एस. विश्व विद्यालय, सतना, मध्य प्रदेश, भारत

Abstract

भारत विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है, जहाँ सामाजिक जीवन, न्याय व्यवस्था तथा सामुदायिक संगठन की समृद्ध परंपरा रही है। भारतीय ग्राम व्यवस्था केवल प्रशासनिक इकाई नहीं थी, बल्कि वह सामाजिक, आर्थिक एवं न्यायिक कार्यों का भी केंद्र थी। प्राचीन काल में पंचायतें स्थानीय विवादों के समाधान का प्रमुख माध्यम थीं। ये पंचायतें समाज में शांति, सामंजस्य और सामाजिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थीं।

वर्तमान समय में भारतीय न्यायपालिका अनेक समस्याओं से जूझ रही है, जैसे मुकदमों का अत्यधिक लंबित होना, न्याय प्राप्ति में विलंब, महँगी न्यायिक प्रक्रिया, तकनीकी जटिलताएँ तथा ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय तक सीमित पहुँच। ऐसे समय में पंचायत-आधारित विवाद समाधान प्रणाली एक प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में उभरती है।

यह शोध पत्र भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System) एवं वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) की अवधारणाओं के संदर्भ में पंचायत-आधारित विवाद समाधान की भूमिका का विश्लेषण करता है। इसमें पंचायत न्याय व्यवस्था के ऐतिहासिक विकास, संवैधानिक स्थिति, विधिक प्रावधानों, न्यायालयीन दृष्टिकोण तथा वर्तमान प्रासंगिकता का विस्तृत अध्ययन किया गया है।

शोध में यह स्थापित करने का प्रयास किया गया है कि यदि पंचायत-आधारित विवाद समाधान प्रणाली को संवैधानिक मूल्यों, मानवाधिकारों तथा विधिक नियंत्रण के अंतर्गत संचालित किया जाए, तो यह भारतीय न्याय प्रणाली के लिए एक प्रभावी सहायक तंत्र सिद्ध हो सकती है।

Keywords

पंचायत आधारित विवाद समाधान, वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR), भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System), ग्राम न्याय एवं पंचायत व्यवस्था, संवैधानिक न्याय एवं ग्राम स्वराज