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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(2):1072-1075

मनरेगा और पीएम आवास योजना का तुलनात्मक अध्ययन

Author Name: धर्मेन्द्र सिंह;   डॉ. दीपक कुमार;  

1. शोधार्थी, लोक प्रशासन, एन.आई.आई.एल. एम विश्वविद्यालय, कैथल, हरियाणा, भारत

2. पर्यवेक्षक, लोक प्रशासन, एन.आई.आई.एल. एम विश्वविद्यालय, कैथल, हरियाणा, भारत

Abstract

भारत एक विकासशील राष्ट्र है जहाँ ग्रामीण गरीबी सदैव एक गंभीर सामाजिक-आर्थिक चुनौती रही है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् से ही भारत सरकार ने गरीबी उन्मूलन हेतु अनेक नीतियाँ और योजनाएँ प्रारंभ की हैं, किंतु ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की अनिश्चितता, आवास की कमी और सामाजिक असुरक्षा की समस्या आज भी विद्यमान है। इसी संदर्भ में केंद्र सरकार ने दो महत्त्वाकांक्षी योजनाएँ लागू कीं- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), जो 2006 से क्रियान्वित है और ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी देती है, तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी), जो 2016 में प्रारंभ होकर "सभी के लिए आवास" के लक्ष्य को साकार करने हेतु समर्पित है। दोनों योजनाएँ ग्रामीण गरीबी उन्मूलन की दिशा में कार्य करती हैं, परंतु उनके दृष्टिकोण, संरचना और प्रभाव भिन्न हैं। जहाँ मनरेगा अल्पकालिक आजीविका सुरक्षा पर केंद्रित है, वहीं पीएमएवाई-जी दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण को प्राथमिकता देती है। प्रस्तुत शोध इन दोनों योजनाओं की तुलनात्मक समीक्षा करते हुए उनकी प्रभावशीलता, सीमाओं और परस्पर पूरकता का विश्लेषण करता है, जिससे भविष्य की नीति-निर्माण प्रक्रिया को दिशा मिल सके।

 

पद्धति:  शोध में द्वितीयक डेटा स्रोतों का उपयोग किया गया है- जैसे नीति आयोग की रिपोर्ट, ग्रामीण विकास मंत्रालय के आँकड़े, CAG की ऑडिट रिपोर्ट, और स्वतंत्र शोध अध्ययन। वर्णनात्मक-विश्लेषणात्मक पद्धति के अंतर्गत वित्तीय व्यय, लाभार्थी охват, पारदर्शिता, और क्षेत्रीय असमानता जैसे मानदंडों पर दोनों योजनाओं की तुलना की गई है।

Keywords

मनरेगा, पी.एम.ए.वाई-जी, ग्रामीण गरीबी, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार गारंटी, आवास योजना, ग्रामीण विकास