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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(3):650-653

GST का भारतीय अर्थव्यवस्था और उद्योगों पर प्रभाव कस्बा बड़ौत के संदर्भ में

Author Name: सवित तोमर;   खुशी;   सन्नो;   खुशी;   डॉ. लोकेन्द्र सिंह;  

1. स्नातकोत्तर (पी. जी.) छात्र ,अर्थशास्त्र विभाग जनता वैदिक कॉलेज बडौत, बागपत, उत्तर प्रदेश, भारत

2. स्नातकोत्तर (पी. जी.) छात्र ,अर्थशास्त्र विभाग जनता वैदिक कॉलेज बडौत, बागपत, उत्तर प्रदेश, भारत

3. स्नातकोत्तर (पी. जी.) छात्र ,अर्थशास्त्र विभाग जनता वैदिक कॉलेज बडौत, बागपत, उत्तर प्रदेश, भारत

4. स्नातकोत्तर (पी. जी.) छात्र ,अर्थशास्त्र विभाग जनता वैदिक कॉलेज बडौत, बागपत, उत्तर प्रदेश, भारत

5. प्रोफ़ेसर, अर्थशास्त्र विभाग, जनता वैदिक कॉलेज बडौत बागपत, उत्तर प्रदेश, भारत

Abstract

वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत की कर प्रणाली में एक ऐतिहासिक सुधार के रूप में उभरा है। इसे 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया, जिसका उद्देश्य देश की जटिल अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को सरल एवं पारदर्शी बनाना था। प्रस्तुत शोध पत्र में GST के भारतीय अर्थव्यवस्था, उद्योगों, व्यापारिक गतिविधियों तथा उपभोक्ताओं पर पड़े प्रभाव का अध्ययन किया गया है। यह अध्ययन विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के कस्बा बड़ौत के व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं के अनुभवों पर आधारित है।

अध्ययन हेतु प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आंकड़ों का उपयोग किया गया है। प्राथमिक डेटा प्रश्नावली एवं साक्षात्कार के माध्यम से एकत्र किया गया, जबकि द्वितीयक डेटा सरकारी रिपोर्टों, पुस्तकों, शोध पत्रों एवं आर्थिक सर्वेक्षणों से प्राप्त किया गया। अध्ययन से यह निष्कर्ष प्राप्त हुआ कि GST ने कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाई, कर संग्रह में  की तथा व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया। हालांकि प्रारंभिक चरण में छोटे व्यापारियों एवं MSME क्षेत्र को तकनीकी कठिनाइयों और जटिल रिटर्न प्रणाली का सामना करना पड़ा।

दीर्घकाल में GST भारतीय अर्थव्यवस्था को अधिक संगठित, पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Keywords

GST, भारतीय अर्थव्यवस्था, उद्योग, कर प्रणाली, MSME, व्यापारिक पारदर्शिता, बड़ौत