International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(3):323-332
जनजातीय महिलाओं की सामाजिक प्रस्थिति पर सांस्कृतिक और आर्थिक कारकों का प्रभाव
Author Name: Mukesh Chand Meena; Dr. Ranjit Kumar Meena;
Abstract
भारत के सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य में जनजातीय समुदायों का विशिष्ट स्थान है, जहाँ महिलाओं की भूमिका सामाजिक संरचना, आर्थिक गतिविधियों तथा सांस्कृतिक परंपराओं के केंद्र में स्थित रही है। प्रस्तुत शोध पत्र का उद्देश्य जनजातीय महिलाओं की सामाजिक प्रस्थिति पर सांस्कृतिक और आर्थिक कारकों के प्रभाव का विश्लेषण करना है। अध्ययन में यह समझने का प्रयास किया गया है कि परंपरागत सांस्कृतिक मान्यताएँ, शिक्षा, आजीविका, भूमि अधिकार, आर्थिक संसाधनों तक पहुँच तथा सरकारी योजनाएँ किस प्रकार जनजातीय महिलाओं की सामाजिक स्थिति को प्रभावित करती हैं। शोध में मिश्रित अनुसंधान पद्धति का प्रयोग किया गया है, जिसमें प्राथमिक तथा द्वितीयक दोनों प्रकार के आँकड़ों का उपयोग किया गया। अध्ययन के लिए भारत के विभिन्न जनजातीय क्षेत्रों से 300 उत्तरदाताओं का चयन किया गया। सांख्यिकीय विश्लेषण के माध्यम से यह पाया गया कि शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता जनजातीय महिलाओं की सामाजिक प्रस्थिति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जबकि रूढ़ सांस्कृतिक परंपराएँ और संसाधनों पर सीमित अधिकार उनकी सामाजिक प्रगति में बाधा उत्पन्न करते हैं। शोध के निष्कर्ष यह संकेत देते हैं कि आर्थिक सशक्तिकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा सांस्कृतिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय महिलाओं की सामाजिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। यह अध्ययन नीति-निर्माताओं, सामाजिक वैज्ञानिकों तथा विकास योजनाकारों के लिए उपयोगी आधार प्रस्तुत करता है।
Keywords
जनजातीय महिलाएँ, सामाजिक प्रस्थिति, सांस्कृतिक कारक, आर्थिक कारक, शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण, जनजातीय समाज, सामाजिक परिवर्तन, महिला विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था.