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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(3):266-272

विकसित भारत 2047 के निर्माण में सर छोटू राम के राजनीतिक दर्शन का योगदान

Author Name: अमरजीत;   डॉ. महेंद्र सिंह;  

1. शोधार्थी, राजनीतिक विभाग, एन. आई. आई, एल. एम विश्वविद्यालय, कैथल, हरियाणा, भारत

2. सह – प्राध्यापक, राजनीतिक विभाग, एन. आई. आई, एल. एम विश्वविद्यालय, कैथल, हरियाणा, भारत

Abstract

सर छोटू राम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महत्वपूर्ण नेता और सामाजिक-राजनीतिक चिंतक थे, जिन्होंने खास तौर पर पंजाब के किसानों और ग्रामीण समाज के उत्थान में अतुलनीय योगदान दिया। उनका राजनीतिक दर्शन सामाजिक न्याय, कृषि सुधार और समावेशी विकास जैसे मुद्दों पर केंद्रित था, जो आज के विकसित भारत 2047 के निर्माण के लिए अत्यंत प्रासंगिक और प्रेरणादायक सिद्ध होता है। इस सारांश में उनके विचारों के प्रमुख तत्व, उनके द्वारा किए गए सामाजिक-राजनीतिक सुधार, और उनके दर्शन के आधुनिक भारत के विकास में योगदान का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। सर छोटू राम का दर्शन मुख्य रूप से किसानों के अधिकारों की सुरक्षा, सामाजिक समानता की स्थापना, और ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण पर केंद्रित था। उन्होंने किसानों के लिए ऋण मुक्ति, भूमि सुधार, और सहकारी समितियों की स्थापना के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया। उनका दृढ़ विश्वास था कि स्वतंत्र भारत तभी प्रगति कर सकता है जब ग्रामीण क्षेत्र आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से सशक्त हों। उन्होंने जाति-धर्म के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करने और सामाजिक समरसता स्थापित करने के लिए भी निरंतर प्रयास किए। विकसित भारत 2047 के परिप्रेक्ष्य में, सर छोटू राम के राजनीतिक दर्शन आज भी ग्रामीण विकास, कृषि आधुनिकीकरण, और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में मार्गदर्शक के रूप में कार्य करते हैं। उनकी सोच भारत के दीर्घकालिक विकास के लिए समावेशी नीतियों की आवश्यकता को रेखांकित करती है, जो किसानों के हितों को सर्वोपरि मानती हैं। आज के समय में, जब कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों, जल संरक्षण, और बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ने की आवश्यकता है, उनके प्रस्तावित सहकारी मॉडल और आर्थिक न्याय के सिद्धांत अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

सर छोटू राम ने शिक्षा को ग्रामीण विकास का मूल आधार माना, जिससे सामाजिक जागरूकता और आर्थिक प्रगति संभव हो सके। उनके राजनीतिक दर्शन ने सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत किया, जो आज के लोकतांत्रिक भारत की विकास यात्रा की नींव हैं। उनकी प्रेरणा और विचार आज भी किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के उत्थान के लिए नीतियों और कार्यक्रमों के रूप में जीवित हैं। इस प्रकार, सर छोटू राम का दर्शन एक न्यायपूर्ण, समृद्ध और स्वावलंबी भारत के निर्माण में आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।

Keywords

सर छोटू राम, राजनीतिक दर्शन, सामाजिक न्याय, कृषि सुधार, विकसित भारत 2047