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IJCRM
International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2025;4(6):734-739

डिजिटल मीडिया और जनजातीय महिला सशक्तिकरण: एक समालोचनात्मक समाजशास्त्रीय विश्लेषण

Author Name: विजय सिंह;  

1. Research Scholar, department of sociology, Banasthali Vidyapith, Rajasthan, India

Abstract

डिजिटल मीडिया के तीव्र विस्तार ने आधुनिक समाज में सूचना, संचार और सहभागिता के स्वरूप को मूलतः परिवर्तित कर दिया है। विशेष रूप से हाशिए पर स्थित समूहों, जैसे जनजातीय महिलाओं, के संदर्भ में यह परिवर्तन नई संभावनाएँ और चुनौतियाँ दोनों प्रस्तुत करता है। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य डिजिटल मीडिया और जनजातीय महिला सशक्तिकरण के बीच संबंध का एक समालोचनात्मक समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करना है। इस अध्ययन में सशक्तिकरण को केवल संसाधनों की उपलब्धता के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रक्रिया के रूप में देखा गया है जिसमें एजेंसी, पहचान, सामाजिक मान्यता और शक्ति-संबंधों का पुनर्गठन शामिल है। डिजिटल मीडिया को एक तटस्थ तकनीकी साधन के बजाय एक सामाजिक क्षेत्र के रूप में समझा गया है, जो विभिन्न प्रकार की असमानताओं और अवसरों को एक साथ निर्मित करता है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि डिजिटल मीडिया जनजातीय महिलाओं के लिए सूचना तक पहुँच, क्षमताओं के विकास, आर्थिक अवसरों और सामाजिक नेटवर्किंग के नए द्वार खोलता है। साथ ही, यह उनकी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक स्थिति को पुनर्परिभाषित करने का अवसर भी प्रदान करता है। हालांकि, डिजिटल विभाजन, तकनीकी साक्षरता की कमी, भाषा संबंधी बाधाएँ और पितृसत्तात्मक नियंत्रण जैसे संरचनात्मक अवरोध इसके प्रभाव को सीमित करते हैं।

Keywords

डिजिटल मीडिया, जनजातीय महिलाएं, सशक्तिकरण, डिजिटल विभाजन, सामाजिक परिवर्तन, पहचान।