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IJCRM
International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(1):863-867

भूमि सुधार और कृषि नीतियाँ: सर छोटूराम की दूरदृष्टि

Author Name: अमरजीत;   डॉ.महेंद्र सिंह;  

1. शोधार्थी, विभाग, राजनीति शास्त्र, एन.आई.आई.एल.एम. विश्वविद्यालय,कैथल, हरियाणा, भारत

2. सह-प्राध्यापक, विभाग, राजनीति शास्त्र, एन.आई.आई.एल.एम. विश्वविद्यालय,कैथल, हरियाणा, भारत

Abstract

यह अध्ययन औपनिवेशिक पंजाब में कृषि संरचना, भूमि संबंधों और किसान राजनीति के विकास का समालोचनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। शोध में ब्रिटिश शासन के दौरान कृषि नीतियों, ऋणग्रस्तता, साहूकारी व्यवस्था तथा यूनियनिस्ट राजनीति की भूमिका को समझने का प्रयास किया गया है। विशेष रूप से सर छोटूराम के सुधारों, किसान हितैषी विधानों तथा ग्रामीण समाज में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन पर उनके प्रभाव का मूल्यांकन किया गया है। अध्ययन यह भी दर्शाता है कि औपनिवेशिक प्रशासन, सैन्य संरचना और सामुदायिक राजनीति ने पंजाब की कृषि व्यवस्था को किस प्रकार प्रभावित किया। ऐतिहासिक स्रोतों, द्वितीयक साहित्य और समकालीन विश्लेषण के आधार पर यह शोध निष्कर्ष निकालता है कि कृषि सुधारों ने ग्रामीण शक्ति-संतुलन को परिवर्तित किया, किंतु साथ ही नई राजनीतिक जटिलताओं को भी जन्म दिया।

Keywords

औपनिवेशिक पंजाब, कृषि सुधार, सर छोटूराम, किसान राजनीति, भूमि संबंध