International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2025;4(1):270-273
भारत की इंडो-पैसिफिक नीति का सामरिक विश्लेषण: एक अध्ययन
Author Name: डॉ. स्वदेश कुमार;
Abstract
इक्कीसवीं सदी में अंतरराष्ट्रीय राजनीति का केंद्र धीरे-धीरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र से विस्तारित होकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की ओर स्थानांतरित हो गया है। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति मार्गों और सामरिक प्रतिस्पर्धा के कारण विशेष महत्व रखता है। भारत ने बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन और समुद्री भू-राजनीति को ध्यान में रखते हुए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को अपनी विदेश और सुरक्षा नीति का प्रमुख आयाम बनाया है। प्रस्तुत शोध-पत्र में भारत की इंडो-पैसिफिक नीति का सामरिक विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय संतुलन, बहुपक्षीय सहयोग, आर्थिक हितों, कूटनीतिक रणनीतियों तथा उभरती सुरक्षा चुनौतियों का विश्लेषण शामिल है। शोध से स्पष्ट होता है कि भारत की इंडो-पैसिफिक नीति का मुख्य उद्देश्य मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था को बढ़ावा देना तथा क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना है। साथ ही यह भी पाया गया कि इस नीति के माध्यम से भारत अपनी सामरिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए वैश्विक शक्ति संतुलन में सक्रिय भूमिका निभाने का प्रयास कर रहा है।
Keywords
इंडो-पैसिफिक; भारत की विदेश नीति; समुद्री सुरक्षा; सामरिक संतुलन; क्षेत्रीय सहयोग; समुद्री मार्ग; भू-राजनीति; सामरिक नीति