International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2025;4(1):250-255
मानव जीवन पर प्राकृतिक आपदाओं के दुष्प्रभाव एक अध्ययन झुंझुनू जिले के विशेष संद्रभ में
Author Name: रामावतार वर्मा; डॉ. धीर सिंह शेखावत;
Abstract
प्राकृतिक आपदाएँ मानव जीवन, पर्यावरण तथा आर्थिक विकास पर गहरा और दीर्घकालिक प्रभाव डालती हैं। वर्तमान समय में जनसंख्या वृद्धि, अनियंत्रित शहरीकरण, वनों की कटाई तथा प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रस्तुत अध्ययन राजस्थान के झुंझुनूं जिले के विशेष संदर्भ में बाढ़, सूखा, भूकंप, भूस्खलन, चक्रवात, वनाग्नि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के स्वरूप, कारणों तथा उनके सामाजिक-आर्थिक एवं पर्यावरणीय दुष्प्रभावों का विश्लेषण करता है। अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि प्राकृतिक आपदाएँ न केवल जान-माल की हानि करती हैं, बल्कि कृषि, जल संसाधन, जैव विविधता और मानव स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। शोध में आपदा प्रबंधन, जन-जागरूकता, आधुनिक तकनीक, जल-संरक्षण, वनीकरण तथा सतत विकास जैसे उपायों की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया है। निष्कर्षतः यह अध्ययन दर्शाता है कि प्रभावी आपदा प्रबंधन नीतियों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा जन-सहभागिता के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Keywords
प्राकृतिक आपदाएँ, झुंझुनूं जिला, सूखा, बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरणीय प्रभाव, सतत विकास, जल-संरक्षण