International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2025;4(1):223-229
सतत् विकास के संदर्भ में हनुमानगढ़ जिले के सामाजिक एवं आर्थिक विकास का विश्लेषणात्मक अध्ययन
Author Name: सुलोचना; डॉ. आलोक श्रीवास्तव; संदीप;
Abstract
विकास के संदर्भ में होने वाले सामाजिक एवं आर्थिक विकास के द्वारा एक ऐसे समाज एवं अर्थव्यवस्था की स्थापना की जा सकती है, जिसमें समावेशी आर्थिक विकास, पर्यावरण सरंक्षण एवं उपलब्ध संसाधनों के उचित प्रबंधन तथा समान सामाजिक विकास के अवसर निहित हो । शोध क्षेत्र के रूप में राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले का चयन किया गया है । वर्ष 2020 एवं 2024 की एसडीजी सूचकांक रिपोर्ट से अध्ययन क्षेत्र द्वारा 13 विकास लक्ष्यों की प्राप्ति का स्कोर संकलित कर विश्लेषण किया गया है । जिससे यह तथ्य सामने आता है की, हनुमानगढ़ जिला वर्ष 2020 में एसडीजी रिपोर्ट के मुताबिक तीन सतत् विकास लक्ष्यों में एस्पिरेंट, तीन लक्ष्यों में परफ़ॉर्मर तथा छः लक्ष्यों में फ्रंट रनर श्रेणी में और औसत स्कोर (60.21 प्रतिशत) के आधार पर परफ़ॉर्मर श्रेणी में रहा है । वर्ष 2024 में औसत स्कोर 60.52 प्रतिशत रहा है, जिसमें तीन सतत् विकास लक्ष्यों में एस्पिरेंट, चार में परफ़ॉर्मर, जबकि सात लक्ष्यों में फ्रंट रनर श्रेणी में रखा गया है । 2020 के सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के औसत स्कोर की अपेक्षा 2024 के स्कोर में सिर्फ 0.31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है । विश्लेषण के आधार पर कहा जा सकता है, कि सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी सुधार की गुंजाइश है । भविष्य में सामुदायिक सहभागिता, नीतिगत सुधार और शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है, ताकि सतत् विकास को और मजबूत किया जा सके ।
Keywords
सतत् विकास, सामाजिक विकास, आर्थिक विकास,एस्पिरेंट,फ्रंट रनर,परफ़ॉर्मर ।