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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2025;4(4):800-803

1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भारतीय वीरांगनाओं की भूमिका

Author Name: प्रो. (मेजर) डॉ. अनिता जून;  

1. प्राचार्या, गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज, दादूपुर रोड़ान, करनाल, हरियाणा, भारत

Paper Type: research paper
Article Information
Paper Received on: 2025-07-11
Paper Accepted on: 2025-08-26
Paper Published on: 2025-08-31
Abstract:

 सन् 1857 का स्वतंत्रता संग्राम भारतीय इतिहास का एक अविस्मरणीय अध्याय है, जिसे प्रथम स्वाधीनता संग्राम के नाम से भी जाना जाता है। इस महान संघर्ष में जहाँ पुरुष वीरों ने अपनी तलवारें उठाईं, वहीं भारतीय नारी शक्ति भी पीछे नहीं रही। रानी लक्ष्मीबाई, बेगम हज़रत महल, झलकारी बाई, अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी पासी जैसी अनेक वीरांगनाओं ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। प्रस्तुत शोध पत्र में इन वीरांगनाओं के साहस, नेतृत्व, बलिदान और उनके ऐतिहासिक योगदान का विश्लेषण किया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किस प्रकार इन महिला योद्धाओं ने पितृसत्तात्मक समाज की सीमाओं को तोड़कर एक नई इतिहास गाथा लिखी।

Keywords:

1857 का स्वतंत्रता संग्राम, वीरांगनाएँ, रानी लक्ष्मीबाई, महिला सशक्तिकरण, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन

How to Cite this Article:

प्रो. (मेजर) डॉ. अनिता जून. 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भारतीय वीरांगनाओं की भूमिका. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2025: 4(4):800-803


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