IJ
IJCRM
International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2025;4(1):281-289

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का काव्य-चिंतन:दृष्टि और महत्व

Author Name: प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी;  

1. प्रोफेसर, हिन्दी एवं आधुनिक भारतीय भाषा तथा पत्रकारिता विभाग दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ,गोरखपुर,उत्तर प्रदेश,भारत

Paper Type: research paper
Article Information
Paper Received on: 2025-01-01
Paper Accepted on: 2025-02-25
Paper Published on: 2025-02-28
Abstract:

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल हिन्दी आलोचना और काव्यचिन्तन के इतिहास में एक युगप्रवर्तक विचारक के रूप में प्रतिष्ठित हैं। उन्होंने हिन्दी साहित्य को स्वतंत्र काव्यशास्त्रीय आधार प्रदान करते हुए भारतीय परम्परा और पाश्चात्य चिंतन के मध्य समन्वय स्थापित किया। शुक्लजी ने रीतिवाद, कलावाद, रहस्यवाद, अभिव्यंजनावाद तथा व्यक्तिवैचित्र्यवाद जैसी प्रवृत्तियों की आलोचना करते हुए लोकमंगल को साहित्य का सर्वोच्च उद्देश्य माना। उनके अनुसार कविता केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मानव हृदय की मुक्तावस्था, भावयोग तथा लोकसत्ता के साथ तादात्म्य स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने कविता को लोकजीवन, लोकधर्म, लोकहृदय और विश्वमानवता से जोड़ते हुए साहित्य की सामाजिक उपयोगिता पर बल दिया। रस, साधारणीकरण, कल्पना, प्रतिभा, व्युत्पत्ति तथा अभ्यास संबंधी उनके विचार भारतीय काव्यशास्त्र को नवीन दिशा प्रदान करते हैं। शुक्लजी की दृष्टि में काव्य का अंतिम लक्ष्य मानव हृदय का विस्तार, लोकमंगल की स्थापना तथा समस्त सृष्टि के साथ रागात्मक संबंधों का विकास है। प्रस्तुत अध्ययन में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के काव्यचिन्तन, काव्य-प्रयोजन, रस-सिद्धान्त, लोकमंगलवाद, कल्पना तथा काव्य-हेतु संबंधी अवधारणाओं का विश्लेषणात्मक विवेचन किया गया है।

Keywords:

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल, काव्यचिन्तन, लोकमंगल, रस-सिद्धान्त, साधारणीकरण, कल्पना, प्रतिभा, भावयोग, हिन्दी आलोचना, काव्यशास्त्र।

How to Cite this Article:

प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का काव्य-चिंतन:दृष्टि और महत्व. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2025: 4(1):281-289


Download PDF