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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(2):397-399

भारतीय ज्ञान परंपरा में आत्म रक्षा कला की अनिवार्यता: भारत -जापान के विशेष संदर्भ में

Author Name: Dr. Amit Chamoli;   Prof. Prabhat Kumar;   Dr. Rakesh Mohan Nautiyal;  

1. D. Litt Researcher, Department of Ancient History, Culture and Archaeology Gurukul Kangri Deemed to be University, Haridwar, Uttarakhand, India

2. Mentor/Adviser, Department of Ancient History, Culture and Archaeology Gurukul Kangri Deemed to be University, Haridwar, Uttarakhand, India

3. Department of History, Government PG College, Kamand, New Tehri, Garhwal, Uttarakhand, India

Paper Type: research paper
Article Information
Paper Received on: 2026-02-05
Paper Accepted on: 2026-03-25
Paper Published on: 2026-04-04
Abstract:

शोध पत्र के अंतर्गत प्राचीन मार्शल कलाओ को रेखांकित करने का प्रयास किया गया है l जहाँ भारत जापान में मौजूद इन कलाओ को आज भी बड़ी निष्ठा के साथ अभ्यास कराया जा रहा है जिससे युवाओ को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया जा सके l प्रस्तुत शोध पत्र में भारत के ही बोधिधर्मं के बारे में अवगत कराने का प्रयास किया गया है जिससे हम यह जान सके की भारत को आत्मरक्षा की कला से परिचित कराने वाले महापुरुष कौन थे l साथ ही भारत में कलारिपट्टू कला के महत्त्व व इस कला से मिलती जुलती कला कराते को भी सम्मिलित करने का प्रयास किया गया है l इसके पश्चात् पंजाबी कला गिद्दा , तलवारबाज़ी, कबड्डी, खो-खो, जापान की कला समुराई, सूमो पहलवानी, कुबोदो आदि का सम्मिलित रूप से जोड़ने का प्रयास किया गया है l उपरोक्त द्वारा प्राचीन समय की आत्मरक्षा की कला  की आवश्यकता एवं वर्तमान की आत्मरक्षा की कला में परिवर्तनों को देखने का प्रयास किया गया है l

शोध द्वारा आत्म रक्षा की कला को अति आवशयक बताने का कार्य किया गया है व् किस प्रकार जापान की कलाओ में भारतीय कला का समावेश है यह दर्शाने का प्रयास किया गया है l

संबंधित शोध पत्र भारत जापान में प्रचलित आत्मरक्षा की कला को भी उजागर करने का प्रयास करता है यह शोध-पत्र भारत जापान की आत्मरक्षा की कलाओ में समानताओं को दर्शाता है साथ ही यह भी बताने का प्रयास करता है की कैसे प्राचीन काल की ही तरह वर्तमान में भी आत्मरक्षा कला की  आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण  हैl

Keywords:

भारत-जापान संबंध, आत्म रक्षा की कला, कराटे, मलखंभ, कुश्ती, गदा कुश्ती, रामायण, महाभारत

How to Cite this Article:

Dr. Amit Chamoli,Prof. Prabhat Kumar,Dr. Rakesh Mohan Nautiyal. भारतीय ज्ञान परंपरा में आत्म रक्षा कला की अनिवार्यता: भारत -जापान के विशेष संदर्भ में. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2026: 5(2):397-399


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