International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(5):418-421
एन.ई.पी. 2020 के संदर्भ में ई-लर्निंग को बढ़ावा देने में प्रौद्योगिकी की सार्थकता
Author Name: इमरान खाँ;
Abstract
एन0ई0पी 2020 के संदर्भ ई-लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी की सार्थकता है स्लाइड, प्रोजेक्टर अब प्रत्येक कक्षा की अनिवार्य आवश्यकता बनती जा रही है आज की स्कूली शिक्षा नव युगीन साधनो तथा युक्तियों से सुसज्जित होती जा रही है। प्रौद्योगिकी का उपयोग ई-लर्निंग को बढ़ावा देने में ऑनलाइन पाठ्यक्रम और वीडियों लेक्चर, इंटरेक्टिव एप्लिकेशन और टूल्स, वर्चुअल क्लास रूम आनॅलाइन टेस्ट और असाइनमेण्ट, ए. आई. और मशीन लर्निंग, मोबाईल एप्लिकेशन, स्मार्ट क्लासरूम में सहयोग कर रहे हैं। इसके बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी को कुछ प्रमुख चुनौतियाॅ जैसे गुणवत्तापूर्ण सामग्री और भाषा की समस्या, तकनीकी ज्ञान की कमी, शिक्षक व छात्र के मध्य सीधा सम्पर्क न हो पाना, मूल्यांकन और परीक्षा में कठिनाई, साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव, तकनीकी बुनियादी ढाँचे की कमी, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान डिजिटल युग में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी ने शिक्षण अधिगम की पारम्परिक पद्धतियों को नवीन स्वरूप प्रदान किया है। ई-लर्निंग के माध्यम से शिक्षा अधिक सुलभ, लचीली, संवादात्मक तथा शिक्षार्थी केन्द्रित बनती जा रही है। प्रौद्योगिकी के सहयोग से विद्यार्थी अपनी गति एवं रूचि के अनुसार सीख सकते हैं वही शिक्षक नवाचारी शिक्षण विधियों को अपनाने में सक्षम हुए हैं। इस प्रकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग ई-लर्निंग को बढ़ावा देने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा समावेशी एवं ई-लर्निंग शिक्षण के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं
Keywords
एन.ई.पी0 2020 ई-लर्निंग, प्रौद्योगिकी।