International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(3):318-322
डिजिटल नशा: सोशल मीडिया और एआई, असल से लगते आभासी दुनिया
Author Name: डॉ. राकेश कुमार;
Abstract
विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। इंटरनेट, सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने संचार, शिक्षा, व्यापार और मनोरंजन के नए द्वार खोले हैं। आज Facebook, Instagram, WhatsApp, YouTube तथा A.I. आधारित एप्लिकेशन लोगों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया हैं। इन तकनीकों ने जीवन को सरल बनाया है। इनके अत्यधिक उपयोग ने “डिजिटल नशा” जैसी गंभीर सामाजिक समस्या को जन्म दिया है। व्यक्ति मोबाइल, सोशल मीडिया और A.I. आधारित आभासी दुनिया में इतना अधिक डूब गया है,कि वह वास्तविक जीवन और सामाजिक संबंधों से कटने लगता है। लोग घंटों तक ऑनलाइन रहकर लाइक, कमेंट, फॉलोअर्स और वर्चुअल पहचान में अपनी खुशी खोजते हैं।
युवा वर्ग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। वे परिवार, मित्र, पढ़ाई और सामाजिक गतिविधियों की अपेक्षा डिजिटल दुनिया को अधिक महत्व देने लगे हैं। A.I. तकनीक ने इस आभासी संसार को और अधिक आकर्षक तथा प्रभावशाली बना दिया है। चैटबॉट, वर्चुअल अवतार, स्मार्ट वीडियो और एल्गोरिद्म आधारित कंटेंट लोगों को लंबे समय तक स्क्रीन से जोड़े रखते हैं। इसके परिणामस्वरूप तनाव, अकेलापन, अवसाद, अनिद्रा और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं।
अतः डिजिटल तकनीकों का संतुलित उपयोग ही सामाजिक संबंधों, मानसिक स्वास्थ्य और वास्तविक जीवन की मानवीय संवेदनाओं को सुरक्षित रख सकता है।
Keywords
डिजिटल नशा, सोशल मीडिया, A.I., आभासी दुनिया, इंटरनेट ।