International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(1):678-680
भारतीय लोकतंत्र में निर्वाचन सुधारों की आवश्यकता और चुनौतियाँ
Author Name: डॉ. स्वदेश कुमार;
Abstract
भारतीय लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक ढाँचा है, जिसकी स्थिरता और विश्वसनीयता का आधार निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी निर्वाचन प्रणाली है। समय के साथ चुनावी प्रक्रिया में धनबल, बाहुबल, आपराधिकरण, दुष्प्रचार, कम मतदाता सहभागिता, तकनीकी चुनौतियाँ तथा संस्थागत दबाव जैसी समस्याएँ उभरकर सामने आई हैं, जिन्होंने निर्वाचन सुधारों की आवश्यकता को और अधिक प्रासंगिक बना दिया है। भारतीय संदर्भ में विभिन्न आयोगों, समितियों, न्यायिक निर्णयों और संस्थागत अध्ययनों ने चुनावी वित्त, उम्मीदवार अर्हता, पारदर्शिता, तकनीकी सुधार तथा मतदाता सशक्तिकरण को सुधार के प्रमुख क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है। यह शोध-पत्र भारतीय अध्ययनों और रिपोर्टों के आधार पर निर्वाचन सुधारों की आवश्यकता, प्रमुख चुनौतियों, सुधार उपायों तथा व्यावहारिक अवरोधों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
Keywords
भारतीय लोकतंत्र, निर्वाचन सुधार, चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सहभागिता, चुनावी वित्त