International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2025;4(5):621-625
भारत- इजराइल सम्बन्धों का रणनीतिक महत्व: एक मूल्यांकन
Author Name: डॉ. संजय गौतम;
Abstract
यह शोध-पत्र भारत और इज़रायल के मध्य विकसित होते संबंधों का ऐतिहासिक एवं समकालीन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। प्रारंभिक वर्षों में भारत की विदेश नीति फिलीस्तीन समर्थक दृष्टिकोण से प्रभावित रही, जिसके कारण इज़रायल के साथ औपचारिक संबंधों की स्थापना में विलंब हुआ। किंतु शीत युद्ध की समाप्ति, वैश्विक शक्ति-संतुलन में परिवर्तन तथा भारत की रणनीतिक आवश्यकताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा प्रदान की। विशेषतः 1992 के बाद से दोनों देशों के मध्य रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, प्रौद्योगिकी तथा आतंकवाद-निरोध के क्षेत्रों में उल्लेखनीय सहयोग विकसित हुआ है।
वर्तमान अध्ययन में नेहरू युग से लेकर समकालीन काल तक की नीतिगत निरंतरता एवं परिवर्तन का विश्लेषण किया गया है। साथ ही, उच्च स्तरीय यात्राओं, रक्षा सौदों तथा सामरिक समझौतों के माध्यम से उभरती साझेदारी की प्रकृति को स्पष्ट किया गया है। शोध का निष्कर्ष यह संकेत करता है कि भारत-इज़रायल संबंध अब केवल सामरिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी का रूप ले चुके हैं, जो क्षेत्रीय एवं वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं।
Keywords
भारत-इज़रायल संबंध, विदेश नीति,रक्षा सहयोग, सामरिक साझेदारी, पश्चिम एशिया।